आज का शब्द: विस्मरण और सोम ठाकुर की कविता- तुम रहे हो द्वीप जैसे काव्य डेस्क
“ना पेशी होगी, ना गवाह होगा, अब जो भी हमसे उलझेगा बस तबाह होगा।”
पलकों में बसाकर तुझसे ख्वाब बुनते हैं,तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है। ❤️
छोटी-छोटी बातों में तेरा ख्याल आना,ये इश्क़ नहीं तो फिर क्या है दीवानापन? ❤️
ज़िन्दगी से जो भी मिले सीने से लगा लो ❤️ गम को सिक्के की तरह उछाला नहीं करते…..
आपकी आँखों में सजे है जो भी सपने,और दिल में छुपी है जो भी अभिलाषाएं!
नई शायरी किस टाइप की सबसे ज़्यादा पॉपुलर है?
“वक्त ने सिखा दी हमें होशियारी, वरना हम भी कभी मासूमियत की हद थे..!!”
वो करो Trending Shayari जो दिल कहे, जिंदगी आपकी है किसी के बाप की नही।
जिसे देख कर लोग जलें,हम वही स्टाइल हर रोज़ पहनते हैं। ️
औकात की बात मत कर पगली,हम वो हैं जो आईने में भी नजर झुका दें।
हमारा अंदाज़ ही कुछ ऐसा है दोस्तों,जो देखता है, वही बोल उठता है — “राजा तो यही है!”
शब्द खोज हलचल आज का शब्द आज का विचार सोशल मीडिया मेरे अल्फ़ाज़ किताब समीक्षा हमारे कवि वीडियो रचना भेजिए
....।। अजीब होता है ज़िन्दगी का सफर भी पसंद आये कोई और मगर किस्मत में कोई और ही होता है।।